पितृयज्ञ से मोक्ष तक: क्यों श्राद्ध कहलाता है श्रद्धा का रूप

भारत की परंपराओं में हर संस्कार का अपना महत्व है। गर्भाधान से लेकर अन्त्येष्टि तक के संस्कार सिर्फ धार्मिक अनुष्ठान नहीं होते, बल्कि सामाजिक और वैज्ञानिक दृष्टि से भी गहरे अर्थ रखते हैं। जीवन के बाद भी आत्मा को अमर माना गया है, जबकि शरीर नश्वर है। मृत्यु के पश्चात आत्मा अपने कर्मों के अनुसार […]

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